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मासूम शौर्य की साहस को बनाये रखने में नाकाम पिता ने की आत्महत्या।

बालोद छत्तीसगढ़ राज्य अपने स्थापना दिवस के अवसर पर हर साल की भांति जब छत्तीसगढ़ के जनता के मेहनत और पसीने की कमाई के पैसा को पानी की तरह बहाकर राज्योत्सव की खुशिया मना रही होती है तब बालोद जिला के एक मां रिमन बाई साहू उम्र 24_25 साल अपने पांच माह के मासूम शौर्य को अपने सीने से लगा कर पति जागेशवर कुमार साहू को फांसी पर लटके देख अपने नवजात को आंसू पिलाते हुये कहती है बेटा शौर्य भारत में गरीबो का कोई नही होता है। बालोद जिला के गुरूर विकासखंड के ग्राम कोसागोंदी के जागेशवर साहु/लतेलु राम उम्र 26 साल अपने नवजात शिशु का ईलाज ना करा पाने के आत्मग्लानी और बेबसी के कारण आत्महत्या कर दुनिया और शौर्य की साहस को चकनाचूर करते हुए दुनिया यह बता कर मर गया कि आजाद भारत के सरकार गरीबो के लिए नही है।
मृतक जागेशवर साहु।

 जागेशवर साहू अपने मासूम बच्चे के इलाज के खातिर अपनी पुरखो की जमीन तक बेचना पड़ा जो प•ह•01मे लतेलु राम साहु /अमरू राम साहू के नाम पर दर्ज थी अब वह जमीन नंदकुमार साहू /स्व:सुखु राम साहु के नाम पर दर्ज है भारत सरकार 56" का सीना दिखा कर जनता के समझ बड़े-बड़े डींगे हांकती है कि कोई भी मासुम अब इलाज के लिए नही तरसेगा हमने ये अमका और ठमका सुविधा जनता को मुहैया कराने की योजना बनाई है आज कोसागोंदी के रिमन बाई साहु और पांच माह के मासुम शौर्य पूछता है कहाँ बनाई है भारत में की इंडीया में।

छत्तीसगढ़ के छत्तिसगढ़िया मुख्यमंत्री नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के कामो से यदि फुर्सत निकाले तो इन्हे भी पता चले कि छत्तीसगढ़ के गरीब किसान आज कर्ज लेकर और जमीन बेंच कर भी इलाज नही करा पा राहा है अपने बच्चो का इलाज नही करा पाने के कारण आत्महत्या कर रहे है ।कर्ज के बोझ से आत्महत्या करने वालो किसानो के परिवारो से घर घर जाकर मुख्यमंत्री जी सालो से मिलते रहे है लेकिन अपनी जमीन बेचने के बावजूद इलाज ना करा पाने के कारण आत्महत्या करने वाले किसान के परिवारो से छत्तीसगढ़ के सरकार और बालोद जिला प्रशासन अब तक क्यो नही मिला है ।इसलिए किसी ने कहा है देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया है इंसान। मानवता और इंसानियत को धिक्कारती बालोद से विनोद नेताम की विशेष रिपोर्ट।
संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की भुमी पुजन सम्पन्न ।