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व्यवसायिक परिसर की खबर : अपराध से खुद की दामन को बचाने की कोशिश ...

"हाईवे क्राइम टाइम" में प्रकाशित खबर ...
"हाईवे क्राइम टाइम" में प्रकाशित खबर ... 
बालोद
। मानव और मानवता की अनुपम धरोहर जहाँ मानव के ऊपर मनावता की मिशाल एक कुत्ते ने पेश की जिसके बाद लोगों ने गांव में "कुकूर देव मंदिर" स्थापित कर आज हमें पशुओं के प्रति प्रेम और समर्पण के लिए प्रेरित करता है। इसी धरती पर मनावता अपनी निजी स्वार्थ सिद्धि का पर्याय बन चुका है।  "हाईवे क्राइम टाइम" ने जिला के मालीघोरी स्थित व्ययसायिक परिसर की खबर प्रकाशित होने के बाद मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जिसने बताया गया था कि वह व्यवसायिक परिसर 8 सालों से कब्जा में है, जबकि उसे आवंटित हुए 4 साल हो रहे हैं और उसका है। एक तरफ स्थानीय पत्रकार ने बालोद पुलिस के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत की है, वहीं मामले में मालीघोरी के सरपंच व अन्य ग्रामीणों ने बोधन भट्ट के खिलाफ फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर अपने भाई के नाम की जमीन को गांव के अन्य व्यक्ति को बेंचने की शिकायत मालीघोरी के सरपंच व ग्रामीणों ने की है।

वहीं बोधन भट्ट के अनुसार, वह जमीन उनके मृतक भाई कामता प्रसाद की है, जिनकी मृत्यु के पश्चात उक्त जमीन की मालिकाना के लिए भाई के परिवार में कोई नहीं है। तीन भाईयों को उनके पिता ने बंटवारा कर अलग-अलग जमीन दिया था, लेकिन कामता प्रसाद के मृत्यु के पहले ही उनकी पत्नी उसको छोड़कर चली गई। भाई के बीमार होने से लेकर उनकी मृत्यु तक के सभी खर्च बोधन भट्ट ने अकेले वहन किया है। 


 कांकेर लोकसभा के सांसद प्रतिनिधि मुकेश जैन के अनुसार लगातार पत्रकारिता के आड़ में बोधन भट्ट जैसे लोग इसी तरह के कार्य में रत होकर जनता के हितों को परे रख अपने स्वार्थ के लिए मसल व कुचल रहे हैं। विगत वर्ष इसके द्वारा इसी तरह के कार्य जो पूर्व में ग्रामीण जनों द्वारा विनोबा भावे भूदान बोर्ड को दान में दिए जमीन को फर्जी नामांतरण करा कर उसे भी बेचा गया था। पता चलने पर गेंद सिंह देशमुख द्वारा आपत्ति लगाई गई और प्रमाणिकरण को रोका गया और इन दोनों जमीनों को बेचकर दोनो प्रार्थीयो से मोटी रकम लेने की बात भी उजागर हुई है। बोधन भट्ट; पत्रकारिता के आड़ में गलत कार्यों को अंजाम देते रहता है, साथ ही इस तरह के कार्यो को धरातल की उंचाई से उठाकर निजी स्वार्थ के लाभ देने वाले अधिकारियो पर भी जांच होनी चाहिए जिनके कार्यो के चलते लोग अपनी स्वार्थ पूरा कर रहे हैं। 
 
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बोधन भट्ट द्वारा जिस जमीन को रजिस्ट्री कर बेचा गया वह भूमि आज भी सरकारी रिकार्ड में घास जमीन के रूप में दिखाई दे रहा है और उसके द्वारा शिवलोक समिति मालीघोरी, कलकसा धार्मिक संस्था को भी बदनाम करते हुए अवैध कब्जा की जानकारी दी गई है जो कि बेबुनियाद है। 
यह समिति ग्रामीणजन के स्वयं एवं जन सहयोग से मंदिर स्थापना का बीड़ा उठाया है जिस को बदनाम करने की कोशिश भी इसके द्वारा की गई है।

बहरहाल मालीघोरी के ग्रामीणों ने बालोद जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अपर कलेक्टर, बालोद के साथ प्रदेश स्तर के अधिकारियों से मिलकर लिखित शिकायत की है और मामले में जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है साथ ही उक्त जमीन में वर्तमान समय में भवन निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है; जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए जिससे आगे किसी भी प्रकार के संभावित विवाद से बचा जा सके। 
 गुरूर तहसील के ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र के आम जनता की फोन रिसीव नहीं करते है