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जानकारी छुपाकर नेता बने गृहमंत्री के भतीजा !

बालोद। जिला के गुरूर जनपद उपाध्यक्ष तोषण साहू के पर बीजेपी नेता और कार्यकर्ता दुर्गानंद साहू ने आरोप लगाया है, कि मौजूदा गुरूर जनपद उपाध्यक्ष तोषण साहू ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए जनपद पंचायत चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से सही जानकारी छुपाई और देश के चुनाव आयोग सहित मतदाताओं को ठगने का कार्य बड़े चालकीपूर्वक करते हुए जनपद पंचायत गुरूर के वर्तमान समय में उपाध्यक्ष बनकर सत्ता की मलाई खा रहे है। जबकि तोषण साहू के गलत हलफनामे को लेकर मामले में शिकायतकर्ता ने शिकायत करते हुए तोषण साहू को तत्काल बर्खास्त कर दोबारा  चुनाव कराए जाने की बात कही है। 

विदीत हो कि; जनपद पंचायत और पंचायत चुनावों के दौरान, जिला के गुरूर विकासखंड परिक्षेत्र में चुनावी गड़बड़ी देखने को मिली थी, लेकिन जिला प्रसाशन और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने मामले की गंभीरता को लेकर कभी भी स्पष्ट करने का प्रयास नही किया है। तोषण साहू वल्द भूपत राम साहू, निवासी बासीन तह. गुरूर, जिला बालोद का; ग्राम पंचायत बोडरा में मेडिकल स्टोर है। ग्राम पंचायत बोडरा के पंचायत सदस्यों व ग्रामीणों के द्वारा बनाये गये नियमानुसार ग्राम पंचायत बोडरा पंचायत क्षेत्र के सभी व्यपारियो से साल दर साल धंधा कर वसूलते हैं। वर्तमान जनपद उपाध्यक्ष ने इसी धंधा कर को नही पटाया था और बोडरा के पंचायत सचिव के साथ मिलीभगत कर चुनावी हलफनामे में जानकारी छुपा दी गई थी; जो कि चुनाव में जानकारी छुपाकर चुनाव जीतने या फिर जनता को ठगने जैसे मामला होता है। 



 तोषण साहु प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के भतीजे हैं, और वर्तमान में गुरूर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष पद पर आसीन है। सत्ताधारी पार्टी नेताओं के परिवारो, सदस्यों के द्वारा यदि इसी तरह से लोकतंत्र के गरीमा को नुकसान पहुंचाने का कार्य करेंगे तो आम जनता का क्या होगा ? वैसे भी गुरूर विकासखंड के अरमरीकला पंचायत में; पंचायत चुनाव के दौरान जो हुआ था, वह आज भी लोगो के जुबान पर है। तो वहीं; जिला में निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी से लेकर चुनाव आयोग के निर्देशो का किस तरह से खुलेआम उल्लंघन होता है यह सब अरमरीकला पंचायत चुनाव के दौरान सबने देखा है। 

आपको बता दें कि, सामान्य आरक्षित वार्ड पर मौजूदा सरपंच तीजुराम मंडावी के सगे भाई ने पंच के पद हेतु नामांकन भरा था। जबकि वह अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं। वार्ड पंच हेतु सामान्य जाति के व्यक्ति ही चुनाव लड़ने की पात्रता रखता है। लेकिन स्कूटनी भरने और नामांकन पत्रो की जांच करने से लेकर रिटर्निंग अधिकारी; आंख बंदकर एक आदिवासी को सामान्य वार्ड पर चुनाव लड़ने दिया गया, जनता की मेहरबानी रही की मंडावी साहब पंच के चुनाव, सामान्य आरक्षित वार्ड से जीत गया। जीतने के बाद में हारने वाले लोगों के साथ कुछ लोगों ने इस मसले को लेकर आवाज उठाई तो जीते हुए पंच महोदय को राजनीति के रहनुमाओं ने तत्काल इस्तीफा दिलवाकर अपने किए हुए पाप को ठगने का प्रयास किया। हालांकि उस वक्त के जिला के कलेक्टर रही रानू साहू ने गुरुर तहसीलदार हितेश्वरी बाघे के मामले को लेकर नोटिस जारी करते हुए मामले में सफाई पेश करने की बात कही थी, लेकिन सालो बितने के बाद भी जनता के मामले को लेकर जानकारी का अभाव है; जिसे लेकर जनता आज भी भ्रमित है। 

vinod netam

जिला के अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग का महत्वपूर्ण कार्य होता चुनाव बैगर विवाद के संपन्न कराना और जहाँ पर भी शिकायत मिलती है, उसकी ईमानदारी से जांचकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करना। लेकिन जिला के कुछ अधिकारी और कर्मचारीयो ने चुनाव को मजाक बनाकर रख दिया है।



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