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50 एकड़ बेशकीमती शामलात शासकीय भूमि को निजी भूमि में परिवर्तित करने का काला कारनामा का पर्दाफाश।

शामलात चारागाह पर परमानंद जांगडे  की लंबी लडाई  अंततः  रंग लाई , जाँच में राजस्व अधिकारी, कर्मचारी भू. माफिया दोषी पाया गया।

जिला प्रशासन मुस्तैदी से अब उक्त भूमि को पुन: शासकीय मद में दर्ज करने एवं  कार्यवाही हेतु आयुक्त रायपुर संभाग को भेजा प्रकरण।

आरंग / मंदिर हसौद।  मामला विकासखंड आरंग के ग्राम पंचायत नकटा .प.ह.नं.15 का है, जो राजधानी रायपुर एवं नया रायपुर से लगी हुई है, जहां प्रापर्टी कीमती होने से उसे हथियाने के काले कारनामे को अंजाम दिया गया है। तत्कालीन पटवारी तसीलदार, एस.डी.एम एवं भू-माफियाओ ने आपस में  साठ-गाठ करके बेशकिमती 50 एकड़ शामलात चारागाह की भूमि जिसकी अनुमानित भाव लगभग 100 करोड़ के आस-पास है। जिसे राजस्व रिकार्ड में कूट - रचना कर निजी भूमि में दुरुस्त कराकर फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया गया है। क्षेत्र के जागरूक युवा नेता श्री परमानंद जांगडे पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने लंबी कानूनी लडाई लड़कर फर्जीवाड़ा को बेनकाब किया, परिणाम अब उक्त भूमि पुन: शासकीय मद में दर्ज होगी तथा फर्जीवाड़ा करने वालो के विरुद्ध भी प्रशासन कड़ी कार्यवाही करेगी। जांगडे ने कहा कि; जब तक हमारी छत्तीसगढ महतारी की पावन भुइया को लुटने वाले दागी अधिकारी कर्मचारी भू-माफिया सलाखों के पीछे नही जायेगे, जंग जारी रहेगा, फैसले से ग्रामीणों में हर्षोल्लास का वातावरण निर्मित हुई है, क्योकि गॉव के सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित चारागाह की भूमि शून्य हो गयी थी जोकि उक्त गॉव पशु पालको की  बहुलता वाली गॉव है, जहा पशु के चारागाह के लिए काफी तकलीफे ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा था।  जांगडे ने बताया की चारागाह की भूमि पर मान. सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट डिसीज़न है, मुझे कानून के प्रति पूर्ण विश्वास था कि उक्त प्रकरण में निश्चित रूप से जीत हमारे ग्रामीणों की होगी, अंतत: जीत सत्य की हुई। 

फर्जीवाड़ा को इस प्रकार अंजाम दिया था

ग्राम नकटा में शामलात खाते में चारागाह की भूमि रामगुलजारीलाल पिता जगमोहन, 2. शोभाराम पिता भगवानी, 3.मु.केजा बेवा शोभाराम, 4. दुलारसिंग पिता जद्दू, 5.विन्द्याचल पिता रामसिंग, 6.बलिया / बिसाहू, 7. मु.डेरहीन बेवा पनिया, 8. चुरावन / जुड़ावन आदि दीगर कास्तकार के रूप में लगभग 52 काश्तकार के नाम पर राजस्व रिकार्ड में दर्ज था, जिसे दीगर को ढीमर रिकार्ड में कूट-रचना छेड़-छाड़ करके निजी भूमि रिकार्ड में दर्ज कर बाकी काश्तकारों के नाम को विलोपित करके मात्र 07 कास्तकार से अपने नाम रजिस्ट्री कराकर फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया। खसरा नंबर 2, 3, 7, 13, 79, 97, 102, 109, 296, 256, 372, 389, 528 कुल रकबा 19.390 हैक्टेयर भूमि जो राजस्व अभिलेख के मिशल रिकार्ड, अधिकार, अभिलेख, बंदोबस्त के पूर्व तथा वर्तमान रिकार्ड में सामलात खाते की भूमि रिकार्ड में चारागाह खुटी राजस्व अभिलेख में दर्ज है, जिसे निजी भूमि मद में रिकार्ड में दर्ज कर शालिनी अग्रवाल पति निलेश अग्रवाल, ब्रिजेश अग्रवाल पिता कपिल अग्रवाल, शोभा अग्रवाल पति कपिल नारायण अग्रवाल, प्रियंका अग्रवाल पति ब्रिजेश अग्रवाल, आभा जौजे श्रीकांत अग्रवाल, पंकज कुमार झा पिता शारदानंद झा, जय बालाजी एंड एसो. द्वारा शोभा अग्रवाल के नाम उक्त शासकीय भूमि को निजी भूमि स्वामी मद में राजस्व रिकार्ड में भू-माफिया अपने परिवार के नाम पर दर्ज चढ़ा लिया गया था।

परमानंद जांगडे,
पूर्व जिला पंचायत सदस्य,
रायपुर।

राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर 'नरुवा घुरवा बाड़ी' योजना का शुभारंभ हुई, जिसमे गौठान निर्माण एवं किसानो की चारागाह की भूमि के लिए जमीन पड़ताल शुरू हुआ, चारागाह की भूमि को भू-माफिया अपना निजी भूमि बताकर कब्जा करने का मामला प्रकाश में आयी थी, जिसकी शिकायत जागरूक जनप्रतिनिधी पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमानंद जांगडे तक पहुची, जांगडे क्षेत्र में इस प्रकार के फर्जीवाड़ा पर दमदारी से आवाज उठाते है तथा कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए जाने जाते है।

शिकायत संज्ञान में आने पर उक्त जमीन के रिकार्डो का पड़ताल कर, शासकीय भूमि को निजी भूमि रिकार्ड में दर्ज होने पर शिकायत राज्य सरकार के संज्ञान में पूरे प्रमाणित दस्तावेजो के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराया गया था। जाँच अनुविभागीय अधिकारी आरंग को सौपा गया, जाँच में शिकायत की पुष्टि हुई, अपर कलेक्टर रायपुर को जाँच रिपोर्ट पेश किया गया। श्रीमती पदमनी भोई, अपर कलेक्टर रायपुर ने संलिप्त दोषी दागी अधिकारी /कर्मचारी श्री एस.सी.शर्मा एवं बी.एन.शाय तत्कालीन पीठासीन अधिकारी को प्रारंभिक जाँच में दोषी जिम्मेदार अपने रिपोर्ट में मानी है तथा कार्यवाही हेतु आयुक्त रायपुर संभाग को प्रतिवेदन भेजा गया है एवं उक्त भूमि को पुन; शासकीय मद में दर्ज करने हेतु प्रारंभिक कार्यवाही प्रक्रियाधीन के निर्देश प्रतिवेदन में दिए गये है।

श्रीमती  पदमनी भोई, अपर कलेक्टर, रायपुर। 

दोषी दागी अधिकारी / कर्मचारी की सेवा समाप्ति एवं फर्जीवाड़ा के विरुद्ध पुलिस में अपराध पंजीबद्ध करने के आदेश की मांग प्रशासन से करता हूँ, ताकि इस प्रकार की घटना की हिमाकत भविष्य में ना हो।

परमानंद जांगडे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, रायपुर।



 

संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की भुमी पुजन सम्पन्न ।