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प्रदेश सरकार ने मजदूर दिवस पर घर वापसी का खोला द्वार।

*विनोद नेताम, स्थानीय पत्रकार। 

बालोद। जिला के अंतर्गत आने वाले गांव के मजदूर जो दूसरे प्रदेश में फंसे हो और वापस घर आना चाहते है तो आज दोपहर 12 बजे तक अपने गांव के पंचायत में परिवार के कोई भी सदस्य दे सकता है जानकारी। जिसकी सम्पूर्ण सूची कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजी जायेगी। साथ ही अन्य प्रदेशों से वापस आये व्यक्ति तहसील मुख्यालय में अपनी पहचान बताकर अनाज ले सकता है।


केन्द्र सरकार के द्वारा लाकडाऊन 03 लगाये जाने के साथ तीन जोन में जिलो को बांट दिया है साथ ही अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की घर वापसी के रास्ते भी खोल दिए गये है। केन्द्र सरकार के आदेश के बाद बाहर अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों के मायुस चेहरों पर हल्की सी मुस्कान आई है, जो सरकार ने मजदूर दिवस के मौके पर दी है।

वही छत्तीसगढ़ के सरकार के लिए चिंता का विषय भी क्योंकि छत्तीसगढ़ से अन्य प्रदेशों में काम करने वाले मजदूरों की संख्या अत्याधिक है। देश के बड़े बड़े शहरों में छत्तीसगढ़ के मजदूरों का एक तरह से पसीना बहाता है हम यह कह सकते हैं। सरकार के पास में जो आकंड़े आज दिये जा रहा है, उसकी भी पूरी तरह से मजदूरों की संख्या है ऐसा मान लेना शायद जल्द बाजी होगी। देश के सभी राज्यों में मजदूरों की हालत केन्द्र सरकार के अपिल के बाद भी खराब हुई उसकी मुख्य कारण उनके रोजगार का बंद होना प्रदेश वापसी के बाद सरकार के लिए उन्हें क्वांरेटाइन में रखना होगा।
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