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गुरूर तहसील के ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र के आम जनता की फोन रिसीव नहीं करते है

बालोद। जिला गुरूर तहसील क्षेत्र के आम जनता कोरोना काल की इस वैश्विक संकट का सामना इन दिनों सभी रूप से कर रही है जिसके दौरान कभी ना कभी गंभीर स्थिति अनेक प्रकार की उत्पन या पैदा हो जाती है जिसके लिए जिला दंडाधिकारी ने तहसीलदार गुरूर एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया और और कोरोना काल में जरूरतमंद नागरिकों की सम्पूर्ण देखरेख की जिम्मेदारी तय कर रखी है जिसके बाद भी गुरूर तहसील में पदस्थ अधिकारी तहसील क्षेत्र के आम जरूरतों को पूरा करने के लिए जनता के समझ अपनी उपस्थिति देने से परहेज़ कर रहे है यंहा तक समस्याओं को सुनने के लिए फोन तक रिसीव नहीं करते है। 


लोगों की शिकायतों के बाद मामले की गंभीरता को समझते हुए हमने भी तहसीलदार महोदय को फोन लगाया तो वह फोन रिसीव ही नहीं किया। अब ऐसे में आम जनता सवाल उठा रही है कि, प्रदेश में थप्पड़ मारने वाला अधिकारी, घोटाला कर करोड़ों रुपए चांटने वाला अधिकारी, नेताओं की चापलूसी करने वाला अधिकारी के बाद फोन अब नागरिकों के फोन नही उठाने वाले अधिकारियों की बाढ़ सी आ गई है; जबकि इन्हें सरकार सरकारी मोबाइल याने सरकारी नंबरों से नवाजा है जिसमें प्रदेश के आम जनता की मेहनत के कमाई से अर्जित कर उनकी सेवा हेतू जारी किया गया है। 

विनोद नेताम
पत्रकार 

बता दें कि गुरूर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत फागुन्दाह जो बीते कल से अति संक्रमण क्षेत्र माना गया है और पूरे गांव को सील किया गया है, वहां के मजदूर परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और लाकडाऊन ने कमर तोड़ दिया है ऐसे परिवारों के मजदूरों ने लाकडाऊन के दौरान गांव छोड़कर पुरूर स्थिति राइस मिल में रहते हुए काम करने का फैसला लिया है, जबकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य सरकार ने कोरोनाकाल और लाकडाऊन के दौरान गरीब परिवारों को राहत देने के प्रदेश के समस्त जिला कलेक्टरो को आदेश दिया है ऐसे में इसी जानकारी हेतू उक्त मजदूरों के परिवारों ने गुरूर तहसीलदार को फोन किया तो महोदय ने फोन रिसीव नहीं किया और तुकाराम कोर्राम, पिलू राम कोर्राम, योगेश ध्रुव, लाकडाऊन के दौरान परिवार से दूर मील में रहते हुए मजदूरी करने को बेहतर समझा, ऐसे में सवाल उठती है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी की सरकार की कितनी योजना का लाभ आम जनता सही मायने में उठा रही है या फिर प्रसाशानिक लेटलतीफी के वजहों से दफ्तरों में रह कर धूल खा रही है।

"मैं दौरा में होने की वजहो के चलते फोन रिसीव नहीं कर सका मामले की जानकारी आपके माध्यम से मिली है जानकारी लेकर पता करते है।"

परमेश्वर मंडावी, तहसीलदार (गुरूर) 



नगर पंचायत मगरलोड में चला बेंच टेबल खरीदी में घोटाला।